हमेशा जवान दिखने के लिए क्या करें (Hacks For Younger Looking Skin)


हमेशा जवान दिखने के लिए क्या करें (Hacks For Younger Looking Skin)



उम्र बढ़ना अक्सर लोगों में एक घबराहट पैदा करती है। बढ़ती हुई उम्र का हर एक पायदान बुढ़ापे के करीब होने का अहसास दिलाता है। पर अलग हम शुरू से ही अपनी फिटनेस और ग्रूमिंग रूटीन को सही रखें, तो हमेशा फिट एंड फाइन दिख सकते हैं। डाइट और फिटनेस को छोड़ दें, तो ग्रूमिंग रूटीन में कुछ चीजों को हमेशा फॉलो करना आपको अपनी असली उम्र से भी कम उम्र का दिखने में मदद कर सकता है। जैसे कि उम्र बढ़ने के साथ आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स से बचाव, चेहरे पर झुर्रियां और स्किन पोर्स की गहराई से सफाई बेहद जरूरी है। इसके अलावा पूरी बॉडी की स्किन के लिए मॉइश्चराइज रहना यानी कि नमीयुक्त होना बेहद जरूरी है, नहीं तो यही धीरे-धीरे झुर्रियां और फाइन लाइन्स के रूप में बदल जाती है।
तो आइए जानते हैं किन चीजों को ग्रूमिंग रूटीन में शामिल करें।

हमेशा जवान दिखने के लिए क्या करें (Hacks For Younger Looking Skin)

1.सौम्य क्लींजर का इस्तेमाल करें

करना आपको कभी भूलना नहीं चाहिए। क्लीन्जर के डिवाइसेस से लेकर स्क्रब तक, अगर आप कठोर एक्सफोलिएटर का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी त्वचा जल्द ही लाल और खराब हो सकती है। इसलिए हमेशा ही एक सॉफ्ट क्लींजर का ही इस्तेमाल करें। खासकर सुबह और रात के समय में। इसके अलावा चेहरे को साफ करने के लिए आप प्राकृतिक तेलों और उत्पादों की भी मदद ले सकते हैं। ये आपके सेंसिटिव स्किन को भी साफ और हाइड्रेटेड रखने में आपकी मदद करेगा।

2.विटामिन सी सीरम

तेज धूप के कारण चेहरे को होने वाले नुकसान से विटामिन सी सीरम आपको हमेशा बचा सकता है। ये सीरम एंटीऑक्सिडेंट के साथ पैक होते हैं और चेहरे के लिए कई तरह से फायदेमंद होते हैं। ये यूवी किरणों को आपके स्किन पोर्स में प्रवेश करने से रोकते हैं, इसलिए फाइन लाइन्स और डिहाइड्रेटेड स्किन से बचाव के लिए आपको इस सीरम का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ये आपके स्किन में कोलेजन उत्पादन में भी मदद करते हैं, तो 25 की उम्र के बाद से विटामिन सी सीरम का इस्तेमाल शुरू कर दें।

3.रेटिनॉल

रटिनॉल चेहरे के लिए बेहद जरूरी तत्वों में से एक है। ये वास्त में बढ़ाता है और चेहरे को बेहतर बनाता है। इसलिए लिए अपने ग्रमिंग रूटीन में एक हल्के रेटिनॉल उत्पाद को जरूर चुनें, जो आपके चेहरे को हमेशा चमकता-दमकता सा रख सकता है। आप बेहतर इस्तेमाल के लि रेटिनॉल के साथ थोड़ा मॉइस्चराइज़र मिला सकते हैं। 20 की उम्र के बाद से ही इसका इस्तेमाल शुरू करें और खुद को हमेशा जवान बनाएं रखें।

4.आंखों के लिए क्रीम

हमारी आँखों के आस-पास की त्वचा हमारे शरीर पर सबसे पतली त्वचा होती है और आपकी उम्र को दर्शाने वाले पहले स्थानों में से एक है। आई क्रीम लाना शुरू करना हमें आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स और फाइन लाइन्स से बचा सकता है। यह त्वचा को मोटा करने के लिए हाइड्रेट करता है, इसलिए जब आपकी उम्र बढ़ती है को झुर्रियां कम दिखाई देती हैं। इसलिए त्वचा की विभिन्न परतों और संरचनाओं को बनाए रखने के लिए विभिन्न सक्रिय अवयवों के साथ क्रीम लगाना शरू करें।

5. हायल्यूरोनिक एसिड वाले उत्पाद

सबसे जरूरी चीजों में से एक बन जाती है। पर अच्छा ये होगा कि कोलेजन के साथ रेटिनॉल और हायल्यूरोनिक एसिड के हाइड्रेटिंग फॉर्मूला पर स्विच करें। एक्सफोलिएशन को हमेशा हाइड्रेशन के साथ जोड़ा जाता है। साथ ही ये आपके मृत त्वचा कोशिकाओं को हटा कर स्किन को खूबसूरत बनाने में मदद करते हैं।

इस तरह उम्र बढ़ने के साथ अगर आप अपनी खूबसूरती बरकरार रखना चाहते हैं, तो इन तमाम चीजों को अपने ग्रूमिंग रूटीन में जरूर शामिल करें। साथ ही डाइट में हरी सब्जियों और फलों के रस का सेवन जरूर करें। इस तरह आप हमेशा खूबसूरत और जवान दिखेंगे।

दिन दो बार वर्कआउट करना कितना आसान है जाने फायदे Know how easy it is to do workouts twice a day


दिन दो बार वर्कआउट करना कितना आसान है जाने फायदे Know how easy it is to do workouts twice a day



Fitness को लेकर आजकल लोगों में अलग सा शौक चढ़ा हुआ है, हर कोई जल्द से जल्द अपनी बॉडी को एक फिटनेस वाला लुक देना चाहता है। जिसके लिए ज्यादातर लोग जिम में ज्यादा से ज्यादा समय देते हैं तो कुछ लोग दिन में सुबह-शाम वर्कआउट करते हैं। लेकिन क्या दिन में दो बार वर्कआउट करना आपकी फिटनेस के लिए सही है? आप ही नहीं बल्कि ज्यादातर लोगों के मन में यह रहता है कि वो अगर दिन में दो बार वर्कआउट करेंगे तो शायद उनकी फिटनेस जल्दी बनेगी। लेकिन वर्कआउट के साथ जरूरी है पर्याप्त आराम।

दिन में दो बार वर्कआउट कितना सही?

प्रतिदिन दो बार का लक्ष्य तय करना आपके के स्तर पर निर्भर करता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिन में दो बार वर्कआउट वो लोग कर सकते है, जिनके पास केवल 20 से 30 मिनट का समय वर्कआउट के लिए होता है। वहीं, सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आप ऐसे करके अपना तनाव बढ़ा रहे हैं और मांग करते हैं कि आप अपने शरीर को हर दिन मुश्किल में डाल रहे हैं। यह न केवल दिन-प्रतिदिन, बल्कि वर्कआउट के बीच भी पुनर्प्राप्त करने के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपका शरीर केवल इतने तनाव को संभाल सकता है, आपकी प्रगति की निगरानी करना जरूरी है और अगर आप दिन में दो बार ऐसी मेहनत करते हैं तो अपनी वसूली की आदतों के बारे में बहुत ध्यान रखें।

किसे हो सकता है ज्यादा फायदा

अगर आप एक लक्ष्य के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं जो सामान्य फिटनेस से ज्यादा उन्नत है - उदाहरण के लिए, एक कम दौड़ का समय, शक्ति प्राप्त करना या उच्च अंत धीरज का निर्माण करना और समय की बड़ी मात्रा को बाहर करने के लिए संघर्ष करना, तो ये आपके लिए दोहरी सूई हो सकती है जो आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

अपने वर्कआउट को कैसे विभाजित करें

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप अपना मुख्य लक्ष्य पहले रखना चाहते हैं (जो कुछ भी हो: कार्डियो, स्ट्रेंथ एक्सरसाइज आदि) ताकि आप अपनी ऊर्जा और प्रयास पर ध्यान केंद्रित कर सकें। फिर आपकी दूसरी कसरत के लिए, वह एक ही समय में दो अलग-अलग जगहों में सुधार करने की कोशिश करने के बजाय उसी मोड के साथ चिपके रहने की सलाह देता है।

मॉनिटरिंग

अपनी फिटनेस को लेकर आपको हमेशा मॉनिटरिंग करने की जरूरत होती है। फिटनेस के साथ-साथ आपको अपनी बॉडी रिकवरी पर नजर रखने की जरूरत होती है। अपनी फिटनेस के साथ आपके शरीर को कितना आराम देना है और कितना उससे काम कराना है ये आपको काफी ध्यान रखने की जरूरत है। ऐसा करने का एक सरल तरीका यह है कि जागने के तुरंत बाद अपनी आराम करने वाली हृदय गति को लगातार मापें ताकि आपके रीडिंग को हर दिन इन परिस्थितियों में लिया जाए। इसके अलावा जैसे-जैसे आपकी फिटनेस का स्तर बढ़ता है, आपकी आराम की हृदय गति धीरे-धीरे समय के साथ नीचे की ओर होनी चाहिए।

दिन में दो बार वर्कआउट को समय देना तेजी से परिणाम देता है या बर्नआउट की ओर जाता है, ये महत्वपूर्ण अंतर कारक वर्कआउट के बीच आपकी रिकवरी को अधिकतम करने की आपकी क्षमता होगी। इसमें आपके भोजन का सेवन और साथ ही नींद शामिल है- अगर आपके पास स्वस्थ आहार रखने के लिए अनुशासन नहीं है और पूरी तरह से ठीक होने के लिए रात में पर्याप्त नींद लें, तो आप सबसे अधिक संभावना है कि आप बाहर जलाएंगे।

दाडी मे रूसी से छुटकारा पाना है तो करे 3 काम How to cure dandruff Men's beardम


दाडी मे रूसी से छुटकारा पाना है तो करे 3 काम How to cure dandruff Men's beard




क्‍या आपको भी लंबी दाढ़ी रखना पसंद है? क्‍या आपको भी दाढ़ी में भी dandruff की समस्‍या होती है, तो परेशान न हों यहां हम आपको इससे निपटने के उपाय आपको बताएंगे। देखा जाए, तो दाढ़ी बढ़ाना कोई रातों-रात की बात नहीं है। इसके लिए आपको लंबा इंतजार करने के साथ दाढ़ी की देखभाल और उसे संवारने में कई हफ्ते या महीने लग सकते हैं। ठीक उसी तरह जैसे कि किसी लड़की को अपने लंबे बालों को अच्‍छा और मजबूत बनाए रखने के लिए बालों की अच्‍छी देखभाल की जरूरत होती है, वैसे ही पुरूषों को दाढ़ी की देखभाल करनी पड़ती है। लेकिन कई बार आपकी दाढ़ी में रूसी की समस्‍या हो सकती है, जो आम है लेकिन आपके लुक को बर्बाद कर सकती है। इसके अलावा, रूसी के कारण आपकी दाढ़ी में खुजली की समस्‍या भी हो सकती है और आपको दाढ़ी कटवाने का मन कर सकता है।

यदि आप उनमें से एक हैं, जो दाढ़ी में रूसी या 'बियर्ड डैंड्रफ' से परेशान हैं, तो यहां आप इसके कारण और इससे निपटने के उपाय जानें।

दाढ़ी रूसी का क्या कारण है?

जिस तरह आपके बालों या स्कैल्प में डैंड्रफ बनता है, उसी तरह दाढ़ी डैंड्रफ के साथ भी होता है। जब डेड स्किन सेल्‍स दाढ़ी के नीचे इकट्ठा हो जाती हैं, तो स्किन सेल्‍स के गुच्छे दाढ़ी पर दिखाई देने लगते हैं। यह आपकी दाढ़ी में खुजली और परेशानी का कारण बन सकता है। आमतौर पर दाढ़ी के रूसी के मुख्य कारण हैं:

ड्राई स्किन: ड्राई स्किन वाले लोगों को दाढ़ी में डैंड्रफ की समस्‍या होने की ज्‍यादा संभावना होती है।

स्किनकेयर प्रॉडक्‍ट के प्रति संवेदनशीलता : यदि आपका शरीर किसी स्किनकेयर प्रॉडक्‍ट के प्रति संवेदनशील है और आपकी त्वचा उसके संपर्क में आती है, तो यह रूखी, परतदार और खुजलीदार त्‍वचा का कारण बनता है।

दाढ़ी में रूसी से छुटकारा कैसे पाएं? How to cure dandruff

यदि आपकी दाढ़ी में डैंड्रफ हो रहजा है, तो आप तुरंत इससे निपटने के उपाय खोजें, क्‍योंकि शुरुआत में ही दाढ़ी की रूसी को रोकना आसान है। क्‍योंकि यदि स्थिति गंभीर हो जाए, तो आपको त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेने की जरूरत है। आइए यहां आप दाढ़ी में रूसी से निपटने के लिए इन सुझावों का पालन करें:

हर्बल बियर्ड वॉश से धोएं दाढ़ी

जब आपकी दाढ़ी की देखभाल की बात आती है, तो ज्‍यादातर पुरुष अपनी दाढ़ी को अनदेखा कर देते हैं। लेकिन यदि दाढ़ी में डैंड्रफ की समस्‍या हो, तो आप अपनी दाढ़ी की देखभाल के लिए हर्बल प्रॉडक्‍ट्स का इस्‍तेमाल करें। आप अपनी दाढ़ी को साफ करने के लिए हेयर शैंपू या फेस वॉश का इस्तेमाल न करें। बल्कि एक अच्‍छे हर्बल बियर्ड वॉशिंग प्रॉडक्‍ट की मदद से दाढ़ी धोएं और अपनी दाढ़ी को अच्छी तरह से साफ करें। बालों के नीचे की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए आपको इसे स्क्रब करें और अपनी दाढ़ी को ठंडे पानी से धोएं क्योंकि गर्म ड्राई कर देता है।

दाढ़ी के नीचे की त्वचा को मॉइस्चराइज करें

जैसे आप अपने चेहरे को नियमित स्‍प से मॉइस्चराइज करते हैं, ठीक उसी तरह अपनी दाढ़ी को भी मॉइश्‍चराइज करें। आपको अपनी दाढ़ी के नीचे की त्वचा को नहीं भूलना चाहिए। दाढ़ी को मॉइश्‍चराइज करने से यह दाढ़ी के नीचे की त्‍वचा को ड्राई होने से बचाता है और आपकी दाढ़ी में प्राकृतिक चमक लाता है।

दाढ़ी को करें ट्रिम और ब्रश

जैसा कि हम हर रोज चेहरा और बाल धोते हैं और फिर उन्‍हें हेयर ब्रश करते हैं, उसी तरह आप अपनी दाढ़ी के साथ भी करें। जब आप सफाई और मॉइस्चराइजिंग करते हैं, तो उसके बाद इसमें कंघी करना या ब्रश करना और ट्रिम करना भी न भूलें। इसके अलावा, आपको नियमित अंतराल पर दाढ़ी की को ट्रिम करते रहना चाहिए।

अगर आप इस तरह से अपनी दाढ़ी की नियमित देखभाल करेंगे, तो आपको दाढ़ी की रूसी जैसी समस्याओं को रोकने में मदद मिलेगी।

शिशुओ मे ओवर फीडिंग के 5 लक्षण स्तनपान How to stop overfeeding baby,

शिशुओ मे Overfeeding के 5 लक्षण स्तनपान How to stop overfeeding baby,



शिशुओं का आहार सिर्फ दूध ही होता है। इसलिए हर मां इस चीज को लेकिर चिंचित रहती है कि उसके शिशु ने भरपूर मात्रा में दूध पीया भी है या नहीं। बच्चा चाहे कितना भी खा लें, हर मां को यही लगता है कि उसने कम ही खाया है। लेकिन कई बार यह मीठी चिंता तब शिशुओं के लिए नुकसानदायक साबित हो जाती है जब मांए जरूरत से ज्यादा अपने शिशु को दूध पिला देती है। यह समस्या अक्सर उन महिलाओं के साथ देखने को मिलती है जो पहली बार मां बनती हैं।

अगर शिशु जरूरत से ज्यादा स्तनपान/दूध पीता है तो उसके शरीर में कुछ संकेत दिखते हैं। यदि आप इन संकेतों को समझ गए तो समय रहते डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं और जरूरी सावधानी बरत सकते हैं।

शिशु की नींद और खाने की आदत अक्सर माओं को कन्फ्यूज कर देती है। इसलिए आपको बहुत सावधानी से चीजों पर निगरानी रखने की जरूरत होती है। जो शिशु बोतल वाला दूध पीते हैं उनके साथ ओवरफीडिंग होने के चांस ज्यादा होते हैं। तो आइए जानते हैं ओवरफीडिंग के बाद शिशुओं के शरीर में दिखने वाले लक्षण-

बढ़ने लगता है शिशु का वजन

शिशु जब धीरे धीरे बड़ा होता है और उसका शरीर भी पहले के मुकाबले चबी होने लगता है। हालांकि यह एक नेचुरल प्रक्रिया है लेकिन कई बार ओवरफीडिंग भी इसकी वजह बन जाता है। कई शोधों में यह साफ हो चुका है कि जब शिशु को जरूरत से ज्यादा है तो वह बढ़ते वजन का शिकार हो जाता है। अभिभावकों की नजरअंदाजी और लापरवाही के चलते शिशु धीरे धीरे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और ओबेसिटी जैसी बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं।


दुर्गंधयुक्त मल

शिशु का दुर्गंधयुक्त मल करना भी ओवरफीडिंग का एक लक्षण है। ओवरफीड करने वाले शिशुओं का मल गहरा भूरा और पीले रंग का होता है। हालांकि, शिशु को अक्सर दस्त लगना भी ओवरफीड का एक संकेत हो सकता है। इसलिए हम यही कहेंगे कि शिशु में इस तरह के लक्षण दिखने पर कुछ समय के लिए शिशु के दूध की मात्रा को सीमित कर दें या डॉक्टर से संपर्क करें।

अत्यधिक गैस छोड़ना

पेट भरने के बाद भी जब शिशुओं को दूध पिलाया जाता है तो इसका खामियाजा उनके द्वारा गैस छोड़ने के रूप में देखा जाता है। यह समस्या सिर्फ यहीं पर नहीं रुकती है बल्कि गैस के बाद शिशु के पेट में कब्ज भी बनने लगती है। इसके अलावा ऐसी स्थिति में शिशु काफी रोते भी हैं।

दूध की उल्टी होना

उल्टी/भाटा का कारण अलग-अलग हो सकता है और इसलिए यह समझने में काफी मुश्किल भी होता है कि शिशु को आखिर यह क्यों हो रहा है? लेकिन यह सच है कि जब शिशु जरूरत से ज्यादा दूध पी लेता है तो उसे , बड़ी बड़ी डकार लेना और हिचकी आने जैसी समस्या हो जाती है। यदि आपके शिशु के साथ भी ऐसा होता है तो ओवरफीडिंग को अपने दिमाग में रखें।

स्वभाव में चिड़चिड़ाहट आना

जिस तरह हमें ज्यादा खाने से घबराहट और जैसी समस्या होने लगती है, ठीक उसी तरह शिशुओं के साथ भी होता है। जब शिशु ओवरफीड कर लेता है तो वह स्वभाव से चिड़चिड़ा और हड़बड़ाहट भरा हो सकता है। ओवरफीड से शिशु के पेट में दर्द और क्रैम्प्स आ सकते हैं। जिससे वह लगातार रोते हैं और फिर सो जाते हैं। यह प्रक्रिया बच्चे के साथ घंटों तक चलती है।

डैमेज बालो को रेपयर करे how to Repair damage hair


डैमेज बालो को रेपयर करे how to Repair damage hair


फैशन की इस दुनिया में अगर आप आंख बंद कर के बालों पर ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते रहें, तो आप जान ही नहीं पाएंगे कि आपके बालों ने खराब होना कब शुरू किया Repair damage hair
 बहुत से लोग बालों के शुरुआती डैमेज को पहचान नहीं पाते और धीमे-धीमे ये उनके बालों की बर्बादी का बड़ा कारण बनता है। तो समझदारी इसी में है कि हम समय रहते अपने डैमेज बालों की पहचान कर लें और उन्हें रिपेयर करने के उपाय ढूंढे। पर प्रश्न ये भी उठता है कि आखिरकार हमें मालूम कैसे होगा कि हमारे बाल डैमेज हो रहे हैं, यो नहीं। या कौन से बाल डैमेज हैं और कौन से नहीं। तो आइए आज हम आपको डैमेज बालों को पहचानने के तरीके और उन्हें ठीक करने के उपाय बताते हैं।

डैमेज बालों को कैसे पहचानें?

हमारे बाल दो तरीक से डैमेज होना शुरु करते हैं। इन्हें आप दो तरीकों से पहचान कर सकते हैं। जैसे कि

● निर्जलित बाल (Dehydrated Hairs): जिसमें स्ट्रैंड में आवश्यक नमी की कमी होती है और वे कभी-कभी सुस्त और शुष्क या तैलीय और भारी दिखने लगते हैं।
● कमजोर बाल या बाल झड़ना (Hair Fall): ऐसे बाल देखने में ही बेजान और नीचे से टूटे-फूटे क्षतिग्रस्त नजर आते हैं। साथ ही ऐसे बाल तेजी से झड़ते हैं।

कैसे होत हैं डैमेज बाल?


1. बालों में टेंगल्स और फ्रिजीपन होना

आपने कई बार देखा होगा कि बहुत से लोगों के बहुत ज्यादा होता है। ये सूचक है कि आपके बाल खराब हो रहे हैं और इनसे इनके पोषक तत्व छिन गए हैं। तो ऐसे बालों को ज्यादा धोने से बचें। बालों को हमेशा चमकता हुआ दिखने के लिए धोना इसे खराब करता है, इसलिए हफ्ते में दो बार बाल धोएं, वो भी चंपी करने के बाद।

2. बालों का घुंघराला और खुरदुरा सा दिखना

अगर आप बचपन से घुंघराले नहीं थे पर अब होने लगे हैं, तो आपको जरूरत से ज्यादा आपने अपने बालों पर केमिक्लस जैसे कि ब्लीज आदि का इस्तेमाल किया है। ब्लीज करवाने से बाल ज्यादा खराब दिखते हैं क्योंकि ऐसे बाल अपनी सारी नेचुरल नमी और प्रोटीन खो देते हैं। इसलिए ऐसे बालों को पहचानें और उन्हें या प्याज के रस के पोषित करने की कोशिश करें।

3. रूखे- सूखे बाल

अत्यधिक गर्मी आपके बालों के केराटिन को नुकसान पहुंचा सकती है और इसे सीबम को गायब कर सकती है, जिससे यह सूखा और खराब हो सकता है। अगर आपके बालों के सिरे रूखे और सीधे रहते हैं और सबसे ज्यादा अलग होते हैं, तो यह गर्मी के नुकसान के कारण है। ऐसे में बालों को हेयर ब्लोअर आदि की मदद के से सीखाना बंद करें। वहीं धूप में निकलते वक्त भी बालों को खुला न छोड़ें। इसके अलावा, नम बालों पर कभी भी गर्म उपकरणों का प्रयोग न करें। ऐसे बालों को ठीक करने के लिए एग और एलोवेरा मास्का का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।

अगर आपके बाल लगातार अजीब से और धूमिल नजर आ रहे हैं, तो आपको उन्हें खास ध्यान देने की जरूरत है। आप ऐसे बालों में तेल लगाएं, हेयर मास्क का इस्तेमाल करें, नेचुरल प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल को बढ़ाएं और केमिकल्स के इस्तेमाल को कम करें। वहीं हेयर एक्सटेंशन और ब्लीचिंग आदि का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। अपने बालों को टाइम ट्रिमिंग करवाते रहें, चंपी करें और खान-पान का सही ख्याल रखें।

स्तनपान छुड़ाने से पहले डाले इन 5 फूड्स की आलत These 5 foods before you stop breastfeeding

स्तनपान छुड़ाने से पहले डाले इन 5 फूड्स की  आलत These 5 foods before you stop breastfeeding



जन्म से 6 माह तक शिशु को मां का दूध ही पिलाना पड़ता है क्योंकि ठोस आहार पचाने में तब शिशु का पेट सक्षम नहीं होता है। बच्चे के संपूर्ण पोषण के लिए बाहरी आहार भी जरूरी है इसलिए 6 माह बाद उसे थोड़ा-थोड़ा ठोस आहार देना शुरू किया जाता है। लगभग एक से डेढ़ साल की उम्र में बच्चे के स्तनपान की आदत छुड़वा देनी चाहिए क्योंकि तब शिशु बड़ा हो जाता है और उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी तत्व उसे इन्हीं आहारों से मिलते हैं। बच्चे को स्तनपान की आदत छुड़ाने से पहले उनमें कुछ हेल्दी फूड्स खाने की आदत डाल देनी चाहिए ताकि बाद में स्तनपान छोड़ने पर उसका विकास प्रभावित न हो और बच्चा खाने-पीने में ज्यादा आनाकानी न करे।
दाल का पानी

शिशु जब 6 महीने का हो जाए तो उसे कुछ दाल का पानी देना सबसे अच्छा होता है। दाल का पानी तरल होने के कारण शिशु का पेट उसे आसानी से पचा भी लेता है और इससे शिशु को दाल में मौजूद विटामिन्स और प्रोटीन्स भी मिल जाते हैं। शिशु को अरहर, मूंग और मसूर की दाल का पानी दिया जा सकता है। उड़द, चना, मटर आदि दालों का पानी शिशु का पेट खराब कर सकता है इसलिए इन्हें शिशु को नहीं देना चाहिए। ध्यान रखें शुरुआत में शिशु को दाल का सादा पानी ही दें। इसे फ्राई करने से इसकी गरिष्ठता बढ़ जाएगी।

फल

छोटे बच्चों को खट्टी-मीठी चीजें बहुत पसंद होती हैं। इसलिए उन्हें खट्टे-मीठे फलों की आदत डलवाना आसान होता है। फलों से उन्हें पोषण भी मिलता है और वो इसे आसानी से खा भी लेते हैं। बच्चों को फल देते समय इस बात का ध्यान रखें कि फल मौसमी हो, अन्यथा कई बार ये नुकसान भी कर सकते हैं। शिशु जब फल खाने लायक न हो तो उसे फलों का जूस भी चम्मच से पिला सकते हैं लेकिन इसके लिए पैकेटबंद जूस से बेहतर घर पर ताजे बने जूस होते हैं।

दांत निकलते समय

जब बच्चे के दांत निकलने लगते हैं तो वो अपने आसपास की ठोस चीजों को मुंह में भरने लगता है। दांत निकलने के कारण मुंह में सुरसुराहट महसूस होती है। ठोस चीजों पर मसूड़ा चलाने से उसे इसमें राहत मिलती है इसलिए बच्चे ऐसा करते हैं। ऐसे समय में बच्चों को कुछ ऐसा आहार दिया जा सकता है जो ठोस हो और जिन्हें उंगलियों में पकड़कर खाया जा सके। जैसे गाजर, नाशपाती, सेब आदि।

वेजिटेबल सूप

बच्चों के शरीर को पोषण के लिए ढेर सारे विटामिन्स, मिनरल्स और प्रोटीन्स की जरूरत पड़ती है इसलिए उन्हें हेल्दी आहार देना जरूरी है। ढेर सारी पौष्टिक सब्जियों से बना वेजिटेबल सूप आपके बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद है और इससे शिशु का पेट भी जल्दी भर जाता है। वेजिटेबल सूप में मौसमी सब्जियों के इस्तेमाल से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है और इससे शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती है।

खिचड़ी

खिचड़ी सुपाच्य होती है इसलिए इसे शिशु को आसानी से खिलाया जा सकता है। दाल और चावल से बनी सादी खिचड़ी आपको भले साधारण लगती हो मगर इससे शिशु के शरीर को एनर्जी और कई पौष्टिक तत्व मिलते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि खिचड़ी में दाल की मात्रा थोड़ी ज्यादा रखें और इसे थोड़ा गीला बनाएं न कि सूखा। गीली होने पर दाल-चावल अच्छे से पक जाते हैं और बच्चे को इन्हें पचाने में परेशानी नहीं होती है।

बालो मे लकड़ी की कंघी का करे इस्तेमाल wooden comb benefits for hair


बालो मे लकड़ी की कंघी का करे इस्तेमाल wooden comb benefits for hair



आपके बालों की देखभाल के लिए आप जितना ज्याद से ज्यादा प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करें, उतना ही अच्छी होगा। आप सभी महंगे उत्पादों और अवयवों का उपयोग भले ही कर रहे हों पर भूलें नहीं कि इनका बालों को नुकसान भी होता है। अगर आप अपने बालों की प्रकृति और बनावट को पहले जैसा ही हेल्दी बनाना चाहते हैं, वापिस हमें अपनी नानी-दादी की दुनिया में आना होगा। जैसे कि हमारी दादी-नानी अपने बालों में लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करती थीं। भले ही आपको लकड़ी की कंघी अजीब लगे पर ये आज के वक्त में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की कंघी की तुलना में ज्यादा फायदेमंद है। वो कैसे तो, आइए हम आपको आज लकड़ी की कंघी के बड़े फायदों से अवगत करवाते हैं।


प्लास्टिक की कंघी Vs लकड़ी की कंघी (wooden comb benefits for hair)


1. बालों के लिए आरामदायक

लकड़ी के कंघी कार्बन आधारित होते हैं, जैसे आपके बाल, त्वचा और खोपड़ी। तीनों एक तरह के होते हैं, तो इनसे कोई नेगेटीव इलेक्ट्रीकल एनर्जी नहीं निकलती है। एक लकड़ी की कंघी आपके मदद करती है और उन्हें एक चमकदार लुक देती है। चूंकि लकड़ी एक प्राकृतिक चीज है, इसलिए यह एलर्जी या त्वचा से जुड़ी कोई भी खराब स्थिति को उत्तेजित करने की संभावना नहीं रखती है। जबकि प्लास्टिक से बनी कंघी में ये नुकसान होते हैं।

2. स्कैल्प के ऑयल को सही से वितरित करती है

एक लकड़ी की कंघी अधिक आसानी से पूरे बालों में स्कैल्प (squadhelp)के प्राकृतिक तेलों को वितरित कर सकती है। वहीं प्लास्टिक की कंघी में पहले से ही गंदगी जमा होती है, जो बालों में इंफेक्शन पैदा कर सकती है। वहीं ड्राई बालों वाले लोगों के लिए ये ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि इसके कारण आपके बाल स्वस्थ रूप से नमीयुक्त और चमकदार नजर आते हैं।

3. ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है

कार्बन आधारित होने के नाते, एक लकड़ी की कंघी त्वचा को बिना किसी खरोंच या खरोंच के अच्छे तरीके से करती है। साथ ही हमारे स्कैल्प को भी लकड़ी आमदायक लगती है, जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करती है। इससे स्कैल्प पर स्वस्थ तेल उत्पादन बढ़ाता है। इससे हमारे कोमल नसों की मालिश होती है, जो माथा शांत हो जाता है। साथ ही ये दिमाग को शांत करता है और शरीर आंतरिक और बाह्य रूप से आराम देता है।

4.बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देती है

हम अक्सर लकड़ी की कंघी के साथ अधिक देर तक कंघी करते हैं, जिससे बालों के जड़ों की मालिश होती है और उसके ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है। इस तरह की मालिश बालों के विकास को बढ़ाने और घने बाल पैदा करने में सहायक होती है। धातु और प्लास्टिक के कंघे, स्ट्रोक के अंत की ओर टेंगल्स बनाते हैं, जबकि एक लकड़ी की कंघी बालों को गंदे तरीके से नहीं तोड़ती। इसलिए बालों की ग्रोथ के लिए हमेशा लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल करें।

5. डैंड्रफ को कम करती है

जलन का कारण होती है। लकड़ी की कंघी के नरम, गोल दांत स्कैल्प को आराम देते हैं और गंदगी को वहां जमने नहीं देते हैं, जिससे रूसी होने की संभावना कम हो जाती है। जब आप अपने बालों को लकड़ी से कंघी करते हैं, तो गंदगी और बाहरी कण बालों से दूर हो जाते हैं। जब कि प्लास्टिक के चार्ज के साथ गंदगी उन पर चिपक जाती है और बालों पर गंदगी वितरित करती है।

इस तरह मालूम पड़ता है कि कैसे प्लास्टिक की कंघी बालों के लिए लंबे समय तक फायदेमंद है। वहीं प्लास्टिक की कंघी की तुलना में आप लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल लंबे समय तक कर सकते हैं। तो अगर आपने कभी लकड़ी की कंघी का इस्तेमाल नहीं किया है, तो एक बार इस्तेमाल करके देखिए।